जिन्दगी मे...
हर सांस जुंआ है...
हर सुबह जुंआ है... हर रात के बाद
हर दूसरी धड़कन जुंआ है... पहली धड़कन के बाद
किसको पता है
सांस कौनसी आखिरी होगी ...
कौनसी रात आखिरी होगी ...
कौनसी धड़कन के बाद ... दिल दुबारा नही धड़केगा
ये सब
जुंआ ही तो है ...
एक एसा खेल जिसे खेलते हम नही है ,
पर हार जीत हमारी ही होती है.
खुद को देखना छोड़ दो... तो दुनिया बच जाती है...
और दुनिया को देखता है तो खुद अधूरा रह जाता है इंसान...
#जिन्दगी_के_बड़े_रगड़े_है_जी
#दिल_जयपुरी
हर सांस जुंआ है...
हर सुबह जुंआ है... हर रात के बाद
हर दूसरी धड़कन जुंआ है... पहली धड़कन के बाद
किसको पता है
सांस कौनसी आखिरी होगी ...
कौनसी रात आखिरी होगी ...
कौनसी धड़कन के बाद ... दिल दुबारा नही धड़केगा
ये सब
जुंआ ही तो है ...
एक एसा खेल जिसे खेलते हम नही है ,
पर हार जीत हमारी ही होती है.
खुद को देखना छोड़ दो... तो दुनिया बच जाती है...
और दुनिया को देखता है तो खुद अधूरा रह जाता है इंसान...
#जिन्दगी_के_बड़े_रगड़े_है_जी
#दिल_जयपुरी
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