#देश
देश मे सैकडो बडे बड़े मन्दिर है जिनमे रूपयो की गिनती के लिए मशीने लगी है . कुछ मन्दिर तो ऐसे है जिनमे दान मे आया रूपया गिनने के लिए सरकार सरकारी कर्मचारियो को नियुक्त करती है । हर वर्ष अरबो खरबो का दान मन्दिरों मे आसानी से आ जाता है। हर बडे मन्दिर पर सरकार का ताला भी है दान के टेण्डर मे से 30-70 प्रतिशत सरकार को जाता है बाकी का टेण्डर बाला ब्राहमण ले जाता है अपना कोठा भरने।
एक नेता को किसी भी सरकारी कर्मचारी से अधिक वेतन मिलता है सुविधायें मिलयी है। नेताओ के बच्चे विदेशो मे रहकर पढाई कर रहे होंगे ।
बैंक उद्योगपतियो को लोन इसलिए दे देता है क्यूकी वो बडे उद्यमी है । उनको कर्जा कितना भी बैंक दे सकता है ।उनके पूरे उद्योग की कीमत से ज्यादा बैंक लोन दे देते है।
देश मे किसी भी सरकारी निर्माण पर निर्धारित धन मे से केबल 40-60 प्रतिशत खर्च ही होगा और बाकी रूपया भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाता है।
#किसान
किसान को फसले बोने के लिए पैसा नही मिल पाता . जहा मिलता है वहां ब्याज की दरे कमर तोडती है। ब्याज कुछ दिन मे इतना बढ जाता है कि वह चुका नही पाता . बडी दयनीय स्थिति बन जाती है .
किसानो के बच्चे सरकारी स्कूल मे पढकर आगे बढते है । उनके खून मे किसानी है। किसान अपने बच्चो को प्राइवेट विद्यालय मे नही पढा पाता । जब बेटा पढाई करने शहर जाता है तब किसान कर्जा मे डूबा होता है पर फिर भी अपने बेटे को पढाता है कर्जा लेकर । उम्मीद के साथ की नौकरी लगने के बाद बेटा चुका देगा ।पर जगह नही निकलती है जॉब कैसे लगे।
बैंक किसानों को लोन खेत के कागज गिरवी रखने के बाद देता है अगर लॉन ही चुका पाया तो खेत को बैंक निलाम कर देता है
देश का 60-70% किसान आज भी कच्चे मकान मे रहता है ।
#भारत किसान प्रधान देश है। खेती पर निर्भर है। देश मे किसानो को कोई राहत नही है इस समय . तमिलनाडु के किसान सूखे की मार झेल रहे है सरकार की तरफ से कोई कदम नही उठाये गये। तमिल किसानो ने संसद पर महिनों धरना दिया किसानो ने ना कोई मिडिया ने दिखाया ना किसी सरकार ने ध्यान दिया। सैकडो किसान आत्म हत्या करते है हर साल उनका कोई कर्ज माफ नही जाता। ये दयनीय स्थिति ही तो है किसान की। मध्यप्रदेश मे महाराष्ट्र मे कितने किसान आत्म हत्या कर लेते है फिर भी सरकार को नेताओ को कोई फर्क नही पडता है । जबकी सरकार यह भूल रही है कि जिस दिन किसान का अनाज शहर नही गया उस दिन देश भूखो मरने की नौबत आ जायेगी । गुजरात राजस्थान हरियाणा ने अगर 1 दिन दूध दिल्ली नही भेजा तो दिल्ली मे मां बच्चो को पाश्चुरिकृत दूध पिलायेगी. जिससे पेट ठीक से नही भरता बच्चे का विकास तो दूर की बात है ।
#किसानो का अगर कर्जा माफ किया जाये तो उनमे फसल पैदा करमे का जज्बा रैदा हो। सूखे इलाको को पानी की व्यवस्था हो जाये तो देश को जरूरत से ज्यादा अनाज मसाले पैदा हो। किसान की फसल का उचित दाम लगाया जाये तो उसकी गरीबी दूर हो सके ताकि वह भी अपने बच्चो के सपने पूरे कर सके।
जो देश खेती पर निर्भर हो और उसी को ठीक से नही कर सकें तो देश कैसे विकास कर सकता है । कैसे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी किसान की और देश की । किसान का साथ देने की जरूरत है उसका हौसला अफजाई करने की जरूरत है इस देश की रीढ है किसान। मै खुद किसान का बेटा हूं तो किसान की दशा को बेहतर समझता हूं मै भी काम करता हूं खेतो मे । मैंने भी अनाज खेतो मे उगा कर मंडी मे पहुचाया है .जहां मुझे कभी भी मेरी फसल का उचित दाम नही मिला । .
#खैर मै तो किसान के साथ था, साथ हूं और आजीवन रहूंगा।
#जय_किसान
देश मे सैकडो बडे बड़े मन्दिर है जिनमे रूपयो की गिनती के लिए मशीने लगी है . कुछ मन्दिर तो ऐसे है जिनमे दान मे आया रूपया गिनने के लिए सरकार सरकारी कर्मचारियो को नियुक्त करती है । हर वर्ष अरबो खरबो का दान मन्दिरों मे आसानी से आ जाता है। हर बडे मन्दिर पर सरकार का ताला भी है दान के टेण्डर मे से 30-70 प्रतिशत सरकार को जाता है बाकी का टेण्डर बाला ब्राहमण ले जाता है अपना कोठा भरने।
एक नेता को किसी भी सरकारी कर्मचारी से अधिक वेतन मिलता है सुविधायें मिलयी है। नेताओ के बच्चे विदेशो मे रहकर पढाई कर रहे होंगे ।
बैंक उद्योगपतियो को लोन इसलिए दे देता है क्यूकी वो बडे उद्यमी है । उनको कर्जा कितना भी बैंक दे सकता है ।उनके पूरे उद्योग की कीमत से ज्यादा बैंक लोन दे देते है।
देश मे किसी भी सरकारी निर्माण पर निर्धारित धन मे से केबल 40-60 प्रतिशत खर्च ही होगा और बाकी रूपया भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाता है।
#किसान
किसान को फसले बोने के लिए पैसा नही मिल पाता . जहा मिलता है वहां ब्याज की दरे कमर तोडती है। ब्याज कुछ दिन मे इतना बढ जाता है कि वह चुका नही पाता . बडी दयनीय स्थिति बन जाती है .
किसानो के बच्चे सरकारी स्कूल मे पढकर आगे बढते है । उनके खून मे किसानी है। किसान अपने बच्चो को प्राइवेट विद्यालय मे नही पढा पाता । जब बेटा पढाई करने शहर जाता है तब किसान कर्जा मे डूबा होता है पर फिर भी अपने बेटे को पढाता है कर्जा लेकर । उम्मीद के साथ की नौकरी लगने के बाद बेटा चुका देगा ।पर जगह नही निकलती है जॉब कैसे लगे।
बैंक किसानों को लोन खेत के कागज गिरवी रखने के बाद देता है अगर लॉन ही चुका पाया तो खेत को बैंक निलाम कर देता है
देश का 60-70% किसान आज भी कच्चे मकान मे रहता है ।
#भारत किसान प्रधान देश है। खेती पर निर्भर है। देश मे किसानो को कोई राहत नही है इस समय . तमिलनाडु के किसान सूखे की मार झेल रहे है सरकार की तरफ से कोई कदम नही उठाये गये। तमिल किसानो ने संसद पर महिनों धरना दिया किसानो ने ना कोई मिडिया ने दिखाया ना किसी सरकार ने ध्यान दिया। सैकडो किसान आत्म हत्या करते है हर साल उनका कोई कर्ज माफ नही जाता। ये दयनीय स्थिति ही तो है किसान की। मध्यप्रदेश मे महाराष्ट्र मे कितने किसान आत्म हत्या कर लेते है फिर भी सरकार को नेताओ को कोई फर्क नही पडता है । जबकी सरकार यह भूल रही है कि जिस दिन किसान का अनाज शहर नही गया उस दिन देश भूखो मरने की नौबत आ जायेगी । गुजरात राजस्थान हरियाणा ने अगर 1 दिन दूध दिल्ली नही भेजा तो दिल्ली मे मां बच्चो को पाश्चुरिकृत दूध पिलायेगी. जिससे पेट ठीक से नही भरता बच्चे का विकास तो दूर की बात है ।
#किसानो का अगर कर्जा माफ किया जाये तो उनमे फसल पैदा करमे का जज्बा रैदा हो। सूखे इलाको को पानी की व्यवस्था हो जाये तो देश को जरूरत से ज्यादा अनाज मसाले पैदा हो। किसान की फसल का उचित दाम लगाया जाये तो उसकी गरीबी दूर हो सके ताकि वह भी अपने बच्चो के सपने पूरे कर सके।
जो देश खेती पर निर्भर हो और उसी को ठीक से नही कर सकें तो देश कैसे विकास कर सकता है । कैसे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी किसान की और देश की । किसान का साथ देने की जरूरत है उसका हौसला अफजाई करने की जरूरत है इस देश की रीढ है किसान। मै खुद किसान का बेटा हूं तो किसान की दशा को बेहतर समझता हूं मै भी काम करता हूं खेतो मे । मैंने भी अनाज खेतो मे उगा कर मंडी मे पहुचाया है .जहां मुझे कभी भी मेरी फसल का उचित दाम नही मिला । .
#खैर मै तो किसान के साथ था, साथ हूं और आजीवन रहूंगा।
#जय_किसान
