यूं वफा-ए-इश्क करते करते इतने करीब हो गये हम
जाने अनजाने मे अपनो से दूर हो गये हम
राह-ए-मोहब्बत की उम्मीद-ए-अजल तक
पता ही नही चला कब मशहूर हो गये हम
जाने अनजाने मे अपनो से दूर हो गये हम
राह-ए-मोहब्बत की उम्मीद-ए-अजल तक
पता ही नही चला कब मशहूर हो गये हम