#ashtag_तुम्हारे_बाद
कम बोलने की आदत मुझमे बहुत दिनो से है। शायद बचपन मे भी कम बोलता होउन्गा याद नही। एसे बहुत से लोग देखे है जो कम बोलते है पर ज्यादातर का कम बोलने के पीछे का कारण उनके जीवन की उथल पुथल रहता है। कुछ लोग होते है जो समस्याओं को उतनी दृढता से फ़ेस नही कर पाते। गूढ़ व्यक्ति बन जाते है धीरे धीरे जिनके अंदर ही अंदर कुछ गलत सा चल रहा होता है जो मानसिक संतुलन के लिये बिल्कुल भी ठीक नही होता। फ़िर उनको अकेलापन पसंद आता है। मुझे भी बहुत पसंद है , अकेलापन। परंतु मै किसी समस्या मे या दुविधा मे फ़न्सा हुआ नही हू। सुलझा हुआ महसूस करता हू खुद को इस उलझी हुई दुनिया में जब मै अकेला होता हू। बाहर की झें पें मुझमे चिड़चिड़ापन लाती है। कोई बात को विस्तार से समझाये मुझे कम ही पसंद है, जो भी कहना हो फ़टाफ़ट सुना के खत्म करो एसा स्वभाव है।
पीछे वाली गली मे अय्यर जी ने अपना पालतू कुत्ता बेच दिया था उस दिन उनकी बारह साल की बेटी बहुत रोई थी। कुत्ता रात को तीन चार बार भौंकता था क्यूकी सामने वाले फ़्लैट मे बैचलर रहते थे सो गली मे हलचल रहती थी और ये उस कुत्ते को पसंद नही था। अय्यर जी को नींद कुत्ते से ज्यादा प्यारी थी परंतु कुत्ता उनकी बेटी को उनकी नींद से ज्यादा प्यारा था। अब उनकी बेटी घर मे अकेलापन महसूस करती है और अय्यर जी चैन से सोते है।
तुमसे झूठ बोल रहा था मै कि कम बोलने की आदत है विचक्षण हू बगैरा बगैरा जब कि सच्चाई ये है कि मुझमे अथाह अकेलापन है पिछले कई महिनो से। किसी से जुड़ना भी नहीं चाहता। इस चुप्पी को महसूस करने मे आनंद है जिसे छोड़ना नहीं चाहता। अकेलापन जिन्दगी रोक देता है वक्त इतना धीमे गुजरता है मानो गुजर ही नही रहा। हर पल, पल नही घंटे जैसे गुजरता है।
अकेले रहना और अकेलापन दोनो अलग अलग चीजे है। अकेला, यानि दुनिया से कोई जुड़ाव नही , रहने से जिस व्यक्ति को पीसफ़ुल महसूस होता है उसके लिये यह माइन्ड थैरैपी की तरह काम करता है। और अकेलापन , यानी दुनिया से कोई लगाव नही , जिस व्यक्ति मे रहता है सीधे शब्दो मे वो दिमाग से बिल्कुल भी ठीक नही है।
मै कैसा हू मुझे पता नही पर इतना पता है कि मै हमेशा तुम्हारा इंतजार करना चाहुन्गा। हर वक्त तुम्हे महसूस करना चाहुन्गा। अकेले मे भी, अकेलेपन मे भी।
#दिल_जयपुरी
कम बोलने की आदत मुझमे बहुत दिनो से है। शायद बचपन मे भी कम बोलता होउन्गा याद नही। एसे बहुत से लोग देखे है जो कम बोलते है पर ज्यादातर का कम बोलने के पीछे का कारण उनके जीवन की उथल पुथल रहता है। कुछ लोग होते है जो समस्याओं को उतनी दृढता से फ़ेस नही कर पाते। गूढ़ व्यक्ति बन जाते है धीरे धीरे जिनके अंदर ही अंदर कुछ गलत सा चल रहा होता है जो मानसिक संतुलन के लिये बिल्कुल भी ठीक नही होता। फ़िर उनको अकेलापन पसंद आता है। मुझे भी बहुत पसंद है , अकेलापन। परंतु मै किसी समस्या मे या दुविधा मे फ़न्सा हुआ नही हू। सुलझा हुआ महसूस करता हू खुद को इस उलझी हुई दुनिया में जब मै अकेला होता हू। बाहर की झें पें मुझमे चिड़चिड़ापन लाती है। कोई बात को विस्तार से समझाये मुझे कम ही पसंद है, जो भी कहना हो फ़टाफ़ट सुना के खत्म करो एसा स्वभाव है।
पीछे वाली गली मे अय्यर जी ने अपना पालतू कुत्ता बेच दिया था उस दिन उनकी बारह साल की बेटी बहुत रोई थी। कुत्ता रात को तीन चार बार भौंकता था क्यूकी सामने वाले फ़्लैट मे बैचलर रहते थे सो गली मे हलचल रहती थी और ये उस कुत्ते को पसंद नही था। अय्यर जी को नींद कुत्ते से ज्यादा प्यारी थी परंतु कुत्ता उनकी बेटी को उनकी नींद से ज्यादा प्यारा था। अब उनकी बेटी घर मे अकेलापन महसूस करती है और अय्यर जी चैन से सोते है।
तुमसे झूठ बोल रहा था मै कि कम बोलने की आदत है विचक्षण हू बगैरा बगैरा जब कि सच्चाई ये है कि मुझमे अथाह अकेलापन है पिछले कई महिनो से। किसी से जुड़ना भी नहीं चाहता। इस चुप्पी को महसूस करने मे आनंद है जिसे छोड़ना नहीं चाहता। अकेलापन जिन्दगी रोक देता है वक्त इतना धीमे गुजरता है मानो गुजर ही नही रहा। हर पल, पल नही घंटे जैसे गुजरता है।
अकेले रहना और अकेलापन दोनो अलग अलग चीजे है। अकेला, यानि दुनिया से कोई जुड़ाव नही , रहने से जिस व्यक्ति को पीसफ़ुल महसूस होता है उसके लिये यह माइन्ड थैरैपी की तरह काम करता है। और अकेलापन , यानी दुनिया से कोई लगाव नही , जिस व्यक्ति मे रहता है सीधे शब्दो मे वो दिमाग से बिल्कुल भी ठीक नही है।
मै कैसा हू मुझे पता नही पर इतना पता है कि मै हमेशा तुम्हारा इंतजार करना चाहुन्गा। हर वक्त तुम्हे महसूस करना चाहुन्गा। अकेले मे भी, अकेलेपन मे भी।
#दिल_जयपुरी
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