चाय को सुडक कर एक सेकंड मुह मे रोककर फ़िर निगलने पर असली स्वाद आता है उसका.
किसी चीज को टक टकी लगाये कोई दस सेकंड बिना सोचे/observe/ मतलब के सिर्फ़ देखनेभर के पल का अहसास .
सड़क पर खाली बोटले उठाते उस छ साल के बच्चे से नजरे मिलाने से दिल मे उठने वाली अजीब सी अकारण आत्मगिलानी.
कितना कुछ है जीवन मे जो हमारे होने
का अहसास कराता है
किसी चीज को टक टकी लगाये कोई दस सेकंड बिना सोचे/observe/ मतलब के सिर्फ़ देखनेभर के पल का अहसास .
सड़क पर खाली बोटले उठाते उस छ साल के बच्चे से नजरे मिलाने से दिल मे उठने वाली अजीब सी अकारण आत्मगिलानी.
कितना कुछ है जीवन मे जो हमारे होने
का अहसास कराता है

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