मेरी बैचैनी. ( by दिल जयपुरी)
तुझे देखू तो दिल मे हलचल सी मच जाती है
तुझे ना देखूं तो दिल बैेचैन सा रहता है
तेरे जाने के बाद वीरान सी हो गई है जिंदगी
तेरे ना होने से कुछ अजीब सा महसूस होता है
तुम थी तो सारी दुनिया मेरे साथ थी
अब जब तुम नही हो तो खुद ही खुद के साथ नही
तेरी झुकती नजरो मे कोई जादू सा था जो मदहोश करता
अब तेरी एक झलक को दिल बैेचैन सा रहता है
हां मै नासमझ था जो तुमको समझ नही पाया
अब जब तुम नही हो तो सब समझ आ रहा है.
तुझे देखू तो दिल मे हलचल सी मच जाती है
तुझे ना देखूं तो दिल बैेचैन सा रहता है
तेरे जाने के बाद वीरान सी हो गई है जिंदगी
तेरे ना होने से कुछ अजीब सा महसूस होता है
तुम थी तो सारी दुनिया मेरे साथ थी
अब जब तुम नही हो तो खुद ही खुद के साथ नही
तेरी झुकती नजरो मे कोई जादू सा था जो मदहोश करता
अब तेरी एक झलक को दिल बैेचैन सा रहता है
हां मै नासमझ था जो तुमको समझ नही पाया
अब जब तुम नही हो तो सब समझ आ रहा है.
2 टिप्पणियां:
बहुत खूब लिखा है भाई,इसमे कई दर्द छिपे है ।
धन्यवाद मित्र
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